Wednesday, November 27, 2019

Active and Passive Attacks in cyber security for Digital business in Hindi

साइबर वर्ल्ड में जहाँ online  business को growth मिली है वही पे business related -cyber crime में बढ़ोतरी भी लगातार हो रही है । और ये crime इस प्रकार होते हैं, जिनकी जानकारी crime (attacks) होने के बाद पता चलती है और तब इनसे जो आपके business को financial loss होता है उससे बचने का कोई उपाय नही बचता । पर अगर हम को इन crime ( attacks ) के बारे में ये जानकरी हो की attack कहाँ पे ज्यादा होने की संभावना है और ये attacks किस प्रकार हो सकते हैं तो हम खुद को और अपने business को इन online attacks से होने वाले financial नुकसान से स्वयं को बचा सकते हैं  और इसी लिए आज cyber security में attack और उसके प्रकार व उनसे बचने के उपाय के बारे में डिटेल्स से बात करेंगे

Attacks का मतलब है हमला। जब digital world और digital business की बात करते हैं तब ये attacks online सीधे आप के organization के computer system या पूरे computer network पे  किये जाते हैं जिससे आप को financial loss होता हैं 

Cyber Attacks:

cyber attacks किसी भी प्रकार का offensive (आपत्तिजनक) action है, जो डेटा और इनफार्मेशन को बदलने, उसे चोरी करने या नष्ट करने के लिए विभिन्न तरीकों का उपयोग करके computer network, infra-structure और कंप्यूटर सुचना प्रणाली को लछ करते है 

Types of Attacks:

Attacks दो प्रकार के होते हैं।-
  • Active Attacks
  • Passive Attacks 

Active Attacks : ( create false information by modification in original data )

Active attacks एक network को exploit करता है जिसमें hackers एक target पर data में बदलाव का प्रयास करता हैं या फिर डाटा के रूट पर बदलाव करता हैं 
Active attacks में attacker दो सिस्टम के बीच में massage (data) को transmit करता है और इन मेसेज में बदलाव (modify) करता है । और modify करने के बाद इन modified messages को दुबारा आगे उनके पास भेज दिया जाता है जिस व्यक्ति के पास ये जा रहें थे। उस व्यक्ति को ये पता भी नही चलता की उसके पास जो messages आया है use किसी attacker ने भेजा है और ये original नहीं modified हैं  

Type of Active attacks:

  • Modification
  • Denial of service
  • Alteration 
  • Replay attacks 
  • Masquerade    

Passive Attacks: ( Do not involve in any modification)

passive attacks वह attack है जिसमें एक attacker unauthorized तरीके से दो systems और उनके बीच के network को monitor करता है और जो भी messages या data इनके बीच में transmit होतें हैं उनको ये सिर्फ monitor करता है। ये data या messages में किसी भी प्रकार का कोई भी modification नहीं करता । passive attacks का main उद्देश्य sensitive इनफार्मेशन को read और steal करना होता है  
   

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अंत में एक निवेदन: 

आप को मेरी ये post " Active and Passive Attacks in cyber security for digital business in Hindi" कैसी लगी प्लीज़ कमेंट्स के दवारा जरूर बताएं ,और अच्छी और उपयोगी लगी हो तो इसे like , शेयर और फॉलो जरूर करें , आप का मार्गदर्शन मेरे लिए बहुमूल्य है  

Note: Other information will be provided along with the class notes for B.Tech, M.C.A and M.B.A degree courses in my blog- Digital Hacks; Such as certificate course, seminar, conference, job vacancy etc.

अंत में -

मेरे post पे आने के लिए आप का सहृदय धन्यवाद


Monday, November 25, 2019

Virus in Hindi in cyber security


वायरस ये नाम सुनते ही सब की heart beat ऊपर नीचे होने लगती हैं क्यों की हम सब इस नाम से अच्छे से परिचित हैं पर शायद कुछ लोग परिचित नही होने specially वो लोग जो technology से दूरी बना के रखते हैं ।
पर जो लोग technology - lover हैं , उनके लिए ये word नया नहीं है बल्कि headache देने वाला है ।

आज की मेरी ये post उनके लिए है जो virus से परिचित नहीं है और अपनी daily life में regular technology का उपयोग करते हैं जैसे- smart mobiles, laptop, computer आदि .. क्योंकि गर आप laptop, smart mobile का प्रयोग करतें हैं तो आप को virus term से परिचित होना जरूरी है । क्योंकि आप की जरा सी चूक आप के computer और smart mobile को ख़राब कर सकती है ।

what is virus ?-( in Hindi) 

virus एक software program है जो अपनी duplicate copy ( replica) खुद ही बना सकता है, और ये आप की permission के बिना आप के computer system को संक्रमित कर सकता है ।
virus का निर्माण ही computer system को ख़राब करने के लिए लिए किया जाता है ।

ये virus computer system , smart-mobiles phone व internet की service में बाधा पहुँचाने के लिए बनाये जाते हैं । साथ ही में ये data को corrupt करने व उसको चुराने के लिए भी बनाये जाते । 

हम सब जानते हैं कि computer system को अच्छे से चलाने के लिए software program बनाये जाते हैं वहीं पे virus जो कि खुद एक software program है, इसका creation computer system की कार्य प्रणाली में बाधा पहुचाने के लिए किया जाता है ।
 Hackers और threats , virus को पूरे कंप्यूटर network में spread करने के लिए e-mails का विशेष प्रयोग करते हैं ।
एक virus एक कंप्यूटर सिस्टम से दूरसे कंप्यूटर सिस्टम में तभी spread हो सकता है जब इसका host एक infected कंप्यूटर से लाया जाता हो ।
उदाहरण के लिए यदि एक pen drive , USB drive या CD किसी virus से  infected कंप्यूटर में उपयोग की गई है तो इस कंप्यूटर से virus इस CD , Pen Drive , USB Drive के माध्यम से दूसरे computer system और network में फैल जाता है ।

virus की विशेषता:

Replicative Nature: 

original virus अपनी अनुलिपियों (replica) में परिवर्तन कर सकता है , और ये अनुलिपियाँ (replica- copy) खुद अपने आप में परिवर्तन कर सकती हैं।   

Self attach: 

Virus स्वयं को एक healthy program के साथ जोड़ सकता है । और एक के बाद एक healthy program में स्वयं को  जोड़ के virus की एक chain create देता है और इससे ये आसानी से files से दूसरी files में पहुँच जाता है । और धीरे धीरे पूरे कंप्यूटर system को अपने कब्जे में ले लेता है ।

Difficult to Trace: 

इसको trace करना अति कठिन है । एक बार आप के सिस्टम पे पहुचते ही ये खुद को पूरे सिस्टम में spread कर लेता है ।

virus के कार्य:

  • कंप्यूटर की कार्य प्रणाली को destroy करना।
  • Data को interrupt करना।
  • network में बाधा पहुचना।
  • window की कार्य प्रणाली को dead करना।
  • कंप्यूटर की speed को कम करना ।
  • Data को delete करना या उसमे alter करना ।
  • कंप्यूटर की hard disk में save डाटा और files को destroy करना ।

History of virus:

Virus का जन्म 1970 के दशक में हुंवा था । सबसे पहले virus का नाम क्रीपर ( creeper) था ।जिसे इंटेरनेट पे 1970 में पाया गया था । यह TENEX - oprating system के दवारा फेला था, साथ ही यह किसी भी computer सिस्टम को नियंत्रित और उसको infect करने के लिए modem का प्रयोग करता था । creeper कंप्यूटर सिस्टम को infected करने के बाद एक message लिखता था - "I am creeper, catch me if you can" 

एक  virus  जिसे  Rother- J ( रोथर- J) नाम दिया गया । यह "IN THE WILD" प्रकट होने वाला पहला virus बना । ऐसा माना जाता है कि इस virus को कंप्यूटर Lab के बाहर create किया गया था पर इसका प्रमाण कुछ खास नही मिला है ।

1982 में घरों में उपयोग लाये जाने वाले कंप्यूटर को संक्रमित करने वाला virus सामने आया ,जिसे  Richard Skrenta ने बनाया था। इसका नाम ELK CLONER था ।  इसने APPLE DOS-3.3 operating system को floppy disk के माध्यम से infected किया था । यह कंप्यूटर को infected करने के बाद  कंप्एयूटर की screen पर एक massage show करता  था - " Elk Cloner:The program with a personality"

Type of virus: 

  • Over- write Virus
  • Boot Sector Virus
  • Script Virus
  • Macro- Virus

File Virus: 

ये virus  files के साथ attach होते हैं । ये mostly internet के माध्यम से फैलते हैं । ये  e-mails के दवारा एक कंप्यूटर से दुसरे कंप्यूटर  या network में पहुचते हैं । जब files को download किया जाता है तब ये भी कंप्यूटर में आ जाते हैं ।

Boot sector virus: 

वो वायरस जो boot sector की files को destroy करते हैं boot sector virus कहे जाते हैं । ये removable media जैसे - CD, Pan drive आदि के माध्यम से फैलते हैं ।

Overwrite virus: 

ये virus इस प्रकार design किया जाता है कि जैसे ही ये system में प्रवेश करता है , तुरंत ही ये अपने code को  healthy codes पर overwrite करना start कर देता है ,और files and application को destroy कर देता है ।

Macro-virus:

 ये virus मुख्यतः macro language programs को target करते हैं । इन virus को इस प्रकार से बनाया जाता है जिससे कि ये खुद के malicious  macro codes को आसानी से application के genuine macro codes के साथ जोड़ सकें 


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अंत में एक निवेदन: 


गर आप को ये मेरी पोस्ट उपयोगी लगी हो तो इसे लाइक और शेयर जरूर करें। यदि पसंद ना आया हो तो प्लीज़ कमेंट्स के दवारा बताएं किमैं इसमें और क्या सुधार कर सकती हूँ । आप का मार्गदर्शन मेरे लिए बहुमूल्य है। 


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Denial of service (DOS) attack in cyber security for digital business

Welcome to Digital Hacks
Digital hacks के सभी पाठकों को मेरा सादर अभिनंदन..


 Digital business या e- commerce के एरिया में हमेशा hacking का डर सताता रहता है। कब कहाँ और कैसे आप का दुश्मन या आप का business competitor या फिर unknown threats आप पर attack कर के आप का important data और इनफार्मेशन को hack कर के आप को नुकसान पंहुचा देगा । इसलिए आप को cyber security और ethical hacking के बारे में जानकारी रखना बहुत जरूरी है । कि कैसे कोई आप के  online और offline business इनफार्आमेशन को नुकसान पहुंचा सकता है । इस website पे आप को cyber security और ethical hacking से जुडी सारी जानकारियां प्राप्त होंगी । 

Cyber security में आज का टॉपिक है - Denial of Service (DoS),
Denial of service , साइबर सिक्योरिटी में ethical hacking का बहुत ही महत्वपूर्ण topic है ।

Denial of Service:  

यह एक threats है जिसका  hacking के लिए सबसे ज्यादा उपयोग होता है ।इसको hacking के लिए 1998 में खोजा गया था ।  denial of service को DoS (डोस)भी कहते हैं । इसका मतलब होता है कि दी जा रही service को देने से मना कर देना । ये किसी भी organization के network पर attack करता है और चल रही क्रिया को रोक देता है ।

Denial of service की क्रिया विधि ( ये कैसे कार्य करता है ):


Attackers को जब किसी  organization से दूर रह कर उसके data और उसकी important कार्य प्रणाली को नुकसान पहुचना  होता है, तब वो DoS का प्रयोग करते हैं ।

इसमें denial of service, organization के नेटवर्क और उसकी website पे सीधा attack करता हैं । और इस attack से थोड़ी देर के लिए network कार्य करना बंद कर देता है । इस नेटवर्क के बंद होने का यूजर को जल्दी एहसास भी नही होता है क्योंकि उसको लगता है ही शायद server डाउन है, और यूजर server का फिर से चलने का इंतजार करता है । इतनी देर में hackers अपना काम पूरा कर लेते हैं ।

इसमें website/ networks पर इतना ज्यादा traffic जनरेटे कर दिया जाता है कि उस traffic को वो website /network handle नहीं कर पाते हैं जिससे network की speed धीरे धीरे कम हो जाती है और अंत में network का कार्य करना बंद हो जाता है 

 Digital business या e- commerce के एरिया में हमेशा hacking का दर सताता रहता है। कब कहाँ और कैसे आप का दुश्मन या आप का business competitor या फिर unknown threats आप पर attack कर के आप का important data और इनफार्मेशन को hack कर के आप को नुकसान पंहुचा देगा । इसलिए आप को cyber security और ethical hacking के बारे में जानकारी रखना बहुत जरूरी है । कि कैसे कोई आप के  online और offline business इनफार्आमेशन को नुकसान पहुंचा सकता है । इस website पे आप को cyber security और ethical hacking से जुडी सारी जानकारियां प्राप्त होंगी । 


एक website पर यूजर( traffic) को handle करने की एक निश्चित सीमा होती है गर इस सीमा से ज्यादा का traffic web- server पे आता है तो उसको server handle नही कर पाता और फिर server धीरे- धीरे slow हो जाता है । जिसे हम server डाउन होना कहते हैं ।और फिर एक सीमा के बाद जब और traffic बढ़ता जाता है तब कुछ समय के लिए server बिलकुल कार्य करना बंद कर देता है जिसे server का क्रेश होना भी कहते हैं।

denial of service attack में attacker ,website /network पर इतना fake traffic भेज देते हैं की server डाउन हो जाता है और जो उस website /network के real यूजर हैं वो उस website के data/ information का use नही कर पाते हैं। 

Type of denial of service :

ये दो प्रकार के होतें हैं । 

  • DoS
  • DDoS

DoS( denial of service): 

इसमें सिर्फ एक Host किसी website को target बनता है और उसके server पर  attack करता है । इसका उपयोग यूजर को website से दूर रखने के लिए किया जाता है ।

DDoS ( Distributed denial of service): 

इसमें एक साथ कई host एक ही website /network को target कर उसपे attack करते हैं । DDoS का प्रयोग server की bandwidth, उसके disk space और processor time को खत्म करने के लिए करते हैं । ये network और website के configuration की information को ख़राब कर देता है ।

Method of DoS attacks:

  • Ping of death
  • Buffer overflow
  • Teardrop
  • Syn attack 
 My upcoming post: Method of DoS 
( method of DoS को डिटेल्स में हम अपनी अगली post में बात करेंगें)

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अंत में एक निवेदन: 

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Sunday, November 24, 2019

Internship companies and on- job project training center in Lucknow for Bio tech students in Hindi

अभी कुछ दिन पहले मुझे मेरे कुछ students की call आयी और पूछने लगे की madam क्या Lucknow में किसी company से उनको internship करने को मिल सकता है मैने कहा हां क्यों नहीं, तो उनने पूछा कि किस companyसे , उन students को कम्पनीज़ के नाम और address नहीं पता थे , इसलिए मेरी आज की ये post, technology से अपनी study करने वाले अर्थात् b-tech, biotech students के लिए है । जो summer training, winter training और internship या on- job training के लिए परेशान कि कहाँ और कैसे करें। 
मैं अपनी आज कि इस post को specially biotech , Msc- Bio और B. Pharma से पढाई करने वाले students की help के लिए create कर रही हूँ। वो भी Lucknow City के students के लिए जो Lucknow में रह कर अपनी training complete करना चाहते हैं ।
यहाँ पे मैं Lucknow की कुछ अच्छी companies के नाम और address दे रही हूँ जहाँ पे जा के biotech students अपनी training और internship कर सकते हैं । और साथ ही में मैं ये उम्मीद करती हूँ कि मेरी ये कोशिश आप बच्चों के लिए उपयोगी होगी ।


Rapture Biotech International Pvt. Ltd.

ये एक जैव प्रौद्योगिकी कंपनी है, इसकी branches पूरे देश में हैं और इसकी एक ब्रांच लखनऊ के सिविल लाइन में भी है 

Website: www.rapturebio.com
Address27/18, Ram Mohan Rai Marg, Parehta, Raja Bazar, Civil Lines, Lucknow, Uttar Pradesh 226001
Contact number073102 99991
  

LifeCell International Pvt. Ltd


यह भी एक जैव प्रौद्योगिकी कंपनी है। जिसकी एक ब्रांच लखनऊ में भी है ।

website: www.lifecell.in
AddressB-3/10,Deekay tower, Vibuti Khand, Vipul Khand, Gomti Nagar, Lucknow, Uttar Pradesh 226010
Contact Number: 0522 407 8563

MRD LifeSciences Pvt.Ltd


यह एक जैव प्रौद्योगिकी कंपनी है। जो लखनऊ में स्थित है ।

Adress: 2nd Floor, B - 3, 46 & 47, Gomti Nagar Rd, Near Dr Ram Manohar Lohia Hospita, Vibhuti Khand, Gomti Nagar, Lucknow, Uttar Pradesh 226010
 website : https://mrdls.business.site
Contact number :  9838511116/ 9670341444.

Centena Biomed Pvt. Ltd.


ये भी एक जैव प्रौद्योगिकी कंपनी है 

website : www.centenabiomed.com
Address2/248, Sector L, Ashiyana, Lucknow, Uttar Pradesh 226012
Contact Number094151 03364
 

Medalliance Incorporation


ये लखनऊ में स्थित एक जैव प्रौद्योगिकी कंपनी है 
Website: https://medalliance.wixsite.com/biotech  
AddressFloor B, 1, Nirala Nagar, Lucknow, Uttar Pradesh 226020
Contact number098398 77697

QUEST BIOTECH (INDIA) PVT LTD


यह एक medicine बनाने वाली company है 

Website: http://questbiotechindia.com
AddressL4/23, opposite Institute of Hotel Management, Sector L, Aliganj, Lucknow, Uttar Pradesh 226020
Contact Number0522 404 0070

बायोटेक पार्क


Website: http://www.biotechpark.org.in
AddressMD palace, Kursi Rd, Sector G, Jankipuram, Lucknow, Uttar Pradesh 226021
Contact Number0522 236 5050

Aakaar Biotechnologies Private Limited


Website: www.aakaarbiotech.com
एक Lucknow स्थित जैव प्रौद्योगिकी कंपनी है 
Address322, Sector 9, Jankipuram Extension, Lucknow, Uttar Pradesh 226031
Contact Number 094553 71945

पारस बायोटेक (पी) लिमिटेड

यह उर्वरक निर्माण की एरिया में कार्यरत है 
Adress21 goyala industrial area Behind upsidc, Deva Rd, Chinhat, Lucknow, Uttar Pradesh 226019
Contact Number 074084 05806

OCTANE BIOTECH PVT. LTD.


ये medicine निर्माण के एरिया में कार्यरत है 
Website: https://octanebiotech.net
AddressD-1/219 Husariya,Vineet Khand,Lucknow - 226010 ,Uttar Pradesh, India
Contact Number: 0522-4046623; 09307018307


My Other Post:

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मेरे ब्लॉग पर पधारने के लिए  आप का सह-हृदय धन्यवाद..

Information System Threats in cyber security for digital business in Hindi

Information System Threats In Hindi

इनफार्मेशन सिस्टम किसी भी business चाहे वो digital हो या फिर ट्रेडिशनल का बहुत ही मुख्य और सेंसेटिव अंग होता है । गर किसी भी व्यक्ति को किसी के business में मात देनी होती है तो वो सबसे पहले उसके इनफार्मेशन सिस्टम पे ही attack करता है और वहाँ से इनफार्मेशन चुरा के अपने शत्रु के अगेन्स्ट उपयोग करता है ।

Information:

किसी उद्देश्य के लिए एक्यूरेट, विशिट, समयबद्ध और संगठित डेटा, जो किसी विशेष सन्दर्भों में प्रेजेंट किया जाये और उसे एक अर्थ दे, और उसकी वैल्यू में वृद्धि कर सके तथा उसकी अनिश्चितता में कमी ला सके, उसे इनफार्मेशन कहा जाता है ।  इनफार्मेशन की वैल्यू तभी होती है जब इससे सकरात्मक परिवर्तन व् परीणाम प्राप्त हो ।

system:

सिस्टम सिंपल components का एक समूह है , जो किसी निश्चित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आपस में communicate करते हैं । ये कॉम्पोनेन्ट आपस में मिलकर संगठन के उस उद्देश्य की पूर्ति करतें हैं जिनके लिए ये बनाये गए होते हैं ।

Threats:

Threats कुछ भी हो सकते हैं ,जो चोट और नुकसान पहुंचा सकते हैं । कोई भी वस्तु , व्यक्ति, program जिससे आप को , आप के business systemको , network system को खतरा हो और नुकसान हो सकता है वे सब threats कहलाते हैं । थ्रेअट्स आप के सिस्टम के विरुध्द एक संभावित हमला है।



Notes- Threats और information systemको इस link पे जा कर पूरा पढ़ सकतें हैं 

what is threats in cyber security?


Information system In Hindi



Information System Threats in Hindi:

ऐसे threats जो इनफार्मेशन सिस्टम को डैमेज करतें हैं , इनफार्मेशन सिस्टम threats कहलाते हैं ।

इनफार्मेशन सिस्टम Threats इनफार्मेशन की integrity, accuracy और availability को बरबाद कर देते हैं साथ में ये सम्पूर्ण सिस्टम को भी नष्ट कर सकते हैं । इनका मुख्य उद्देश्य ही ये होता है कि सुचना को डैमेज कर organization को नुकसान पंहुचा कर उसकी growth को ब्लॉक कर देना।

इनफार्मेशन सिस्टम Threats mainly दो प्रकार के होते हैं -

Program Threats
system Threats

Notes- Program and system threats को यहाँ पे जा कर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकतें हैं -program and system threats


some example of information system threats:

virus,
worm,
denial of service

उदाहरण के लिए हम organization के finance department को ले लेते हैं , गर  किसी organization के finance department पर "denial of service"  threats ( attacks) का प्रयोग किया जाये तो , इस department के computer networks कुछ देर के लिए काम करना बंद कर देंगे। क्योंकि ये किसी भी organization की website और उसके network पर attack करते हैं। जिससे departments के सारे online task and jobs ठप हो जायेंगे , इस कारण सारे financial transaction भी रुक जायेंगे, जिससे organization को financial loss उठाना पड़ सकता है 

Notes- Denial of service पर डिटेल article मेरी आने वाली post में जरूर देखें 

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Saturday, November 23, 2019

Threats on internet in digital world in Hindi


आज के वर्त्तमान समय में ह्यूमन life पूरी तरह से कंप्यूटर और internet पे निर्भर हो गई है। आज के  इस Digital world में  व्यक्ति की life को internet ने जहाँ बहुत आसन और आराम दायक बना दिया है,वहीं पे हजारों खतरों से भी भर दिया है । लेकिन ये ह्यूमन लाइफ में तभी प्रॉब्लम करते हैं जब आप इन खतरों (threats) के प्रति जागरूक नहीं होते ।
आज हम इन्ही खतरों के कारण को जानेंगे और उनसे कैसे बचाव करें ये भी जानेगें।

What is Threats?

 Digital world में थ्रेअट्स ( threats) का मतलब खतरा होता है । digital world में चूँकि सारे कार्य कंप्यूटर से internet के माध्यम से होते हैं । इसलिए कंप्यूटर ओर नेटवर्क की सुरक्षा को नुकसान पहुचाने को लेकर हमेशा खतरा रहता है। ये खतरा ही threats कहलाता है ।

ये Threats कुछ भी हो सकते हैं, जो कंप्यूटर और कंप्यूटर नेटवर्क को किसी भी प्रकार का नुकसान पंहुचा की क्षमता रखतें हैं । threats सिस्टम के अगेंस्ट एक आक्रमण है जिसमें सिर्फ नुकसान ही नुकसान है ।

some examples of threats:


  • डेटा चोरी,
  • सेंसेटिव इनफार्मेशन की चोरी,
  • ओरिजिनल डेटा में फ़ेरबदल,
  • नेटवर्क को कुछ देर के लिए रोक देना ,
  • software और hardware को नुकसान पहुँचाना
  • पुरे सिस्टम को hack कर लेना आदि..
ये Threats intentionally और accidentally दोनों ही हो सकते हैं ।

Intentional Threats: 

जानबूझ कर खतरा अर्थात्  hacking, इसमें किसी व्यक्ति या आपराधिक संगठन के माध्यम से सिस्टम को नुकसान होता है 

Accidental threats: 

आकस्मिक खतरा अर्थात्  या भूकंप, आग, या एक प्राकृतिक आपदा की संभावना से system को खतरा ।

Types of threats:

Threats को दो भागों में विभाजित किया गया है।
  • Program Threats
  • System Threats

Program Threats:

ये एक software program होते हैं, जो cracker दवारा develop किये जाते हैं । ये software program कंप्यूटर security को hijack कर सकते हैं। और उनकी सामान्य क्रियाओं के behavior में बदलाव कर सकतें हैं ।

some well-known program threats:

  • Trojan Horse,
  • Trap Door,
  • Logic Bomb,
  • Virus

Trojan Horse जैसे program threats उपयोगकर्ता के लॉग इन डिटेल्स को hack करते हैं फिर उनको malicious यूजर तक भेजते हैं, जिनका ये यूजर बाद में  प्रयोग कर के कंप्यूटर को लॉग इन कर सकतें हैं और इसमें संग्रहित सूचनाओं का दुरूपयोग करतें हैं ।

System Threats:

system threats वो software programs होते हैं, जो पूरे computer system और network connection पर attack कर उसका दुरूपयोग करते हैं। ये operating system और  उसके संसाधनों को खतरा पहुंचाते हैं ।

some well-known program threats:

  • Worm,
  • Port Scanning,
  • Denial of service

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अंत में एक निवेदन: 

गर आप को ये स्टडी मटेरियल उपयोगी लगा हो तो इसे लाइक और शेयर जरूर करें। यदि पसंद ना आया हो तो प्लीज़ कमेंट्स के दवारा बताएं कि, मैं इसमें और क्या सुधार कर सकती हूँ । आप का मार्गदर्शन मेरे लिए बहुमूल्य है। 

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