Wednesday, November 27, 2019

Active and Passive Attacks in cyber security for Digital business in Hindi

साइबर वर्ल्ड में जहाँ online  business को growth मिली है वही पे business related -cyber crime में बढ़ोतरी भी लगातार हो रही है । और ये crime इस प्रकार होते हैं, जिनकी जानकारी crime (attacks) होने के बाद पता चलती है और तब इनसे जो आपके business को financial loss होता है उससे बचने का कोई उपाय नही बचता । पर अगर हम को इन crime ( attacks ) के बारे में ये जानकरी हो की attack कहाँ पे ज्यादा होने की संभावना है और ये attacks किस प्रकार हो सकते हैं तो हम खुद को और अपने business को इन online attacks से होने वाले financial नुकसान से स्वयं को बचा सकते हैं  और इसी लिए आज cyber security में attack और उसके प्रकार व उनसे बचने के उपाय के बारे में डिटेल्स से बात करेंगे

Attacks का मतलब है हमला। जब digital world और digital business की बात करते हैं तब ये attacks online सीधे आप के organization के computer system या पूरे computer network पे  किये जाते हैं जिससे आप को financial loss होता हैं 

Cyber Attacks:

cyber attacks किसी भी प्रकार का offensive (आपत्तिजनक) action है, जो डेटा और इनफार्मेशन को बदलने, उसे चोरी करने या नष्ट करने के लिए विभिन्न तरीकों का उपयोग करके computer network, infra-structure और कंप्यूटर सुचना प्रणाली को लछ करते है 

Types of Attacks:

Attacks दो प्रकार के होते हैं।-
  • Active Attacks
  • Passive Attacks 

Active Attacks : ( create false information by modification in original data )

Active attacks एक network को exploit करता है जिसमें hackers एक target पर data में बदलाव का प्रयास करता हैं या फिर डाटा के रूट पर बदलाव करता हैं 
Active attacks में attacker दो सिस्टम के बीच में massage (data) को transmit करता है और इन मेसेज में बदलाव (modify) करता है । और modify करने के बाद इन modified messages को दुबारा आगे उनके पास भेज दिया जाता है जिस व्यक्ति के पास ये जा रहें थे। उस व्यक्ति को ये पता भी नही चलता की उसके पास जो messages आया है use किसी attacker ने भेजा है और ये original नहीं modified हैं  

Type of Active attacks:

  • Modification
  • Denial of service
  • Alteration 
  • Replay attacks 
  • Masquerade    

Passive Attacks: ( Do not involve in any modification)

passive attacks वह attack है जिसमें एक attacker unauthorized तरीके से दो systems और उनके बीच के network को monitor करता है और जो भी messages या data इनके बीच में transmit होतें हैं उनको ये सिर्फ monitor करता है। ये data या messages में किसी भी प्रकार का कोई भी modification नहीं करता । passive attacks का main उद्देश्य sensitive इनफार्मेशन को read और steal करना होता है  
   

Related Post:


अंत में एक निवेदन: 

आप को मेरी ये post " Active and Passive Attacks in cyber security for digital business in Hindi" कैसी लगी प्लीज़ कमेंट्स के दवारा जरूर बताएं ,और अच्छी और उपयोगी लगी हो तो इसे like , शेयर और फॉलो जरूर करें , आप का मार्गदर्शन मेरे लिए बहुमूल्य है  

Note: Other information will be provided along with the class notes for B.Tech, M.C.A and M.B.A degree courses in my blog- Digital Hacks; Such as certificate course, seminar, conference, job vacancy etc.

अंत में -

मेरे post पे आने के लिए आप का सहृदय धन्यवाद


Tuesday, November 26, 2019

Xiaomi Mi CC9 Pro Mobile price -Gadgets in Hindi

Xiaomi Mi CC9 Pro smartphone लांच कर दिया गया है ,आज हम इसी फ़ोन की विशेषताओं का जिक्र करेंगे और analyze करेंगें कि क्या ये एक cheapest और durable phone साबित होगा 
Digital Gadgets in Hindi- Xiaomi Mi CC9 Pro

Features of Xiaomi Mi CC9 Pro: 

operating system: 

इसको  Android v9.0 (Pie) के लिए बनाया गया है 

CPU: 

यह Qualcomm Snapdragon 730G पे रन करता है जो कि खुद में एक cheapest version है 

Processor: 

यह फ़ोन Octa core(2.2GHz, Dual Core, Kryo -470 + 1.8 GHz, Hexa Core, Kryo-470) के दवारा संचालित होता है 

Storage capacity: 

इसकी internal storage 128 GB है ।और इसमें RAM 6 GB to 8 GB दी गई है, जो इसकी उपयोगिता को बढाती है।  

 camera:

कैमरा की बात करें तो, Xiaomi Mi CC9 pro customer को एक अच्छा सेल्फी camera ऑफर करता है  इसमें front camera 32 MP का मिलता है। और साथ में rear camera 50 x डिजिटल ज़ूम, 5 एक्स ऑप्टिकल ज़ूम, ऑटो फ्लैश, फेस डिटेक्शन, टच टू फोकस जैसी सुविधाओं के साथ 108 + 5 + 12 + 20 एमपी कैमरा मिलता है। 

Battery: 

इसमें 5260 mAh की बड़ी बैटरी दी गयी है। साथ में ये फ़ोन फ़ास्ट चर्चिंग की भी सुविधा देता है  

Connectivity Facilities:

इस स्मार्टफोन में कनेक्टिविटी फीचर्स के रूप में WiFi, Bluetooth, GPS, Volte, NFC और बहुत कुछ शामिल हैं।

Sensor :

इसका primary sensor 108 मेगापिक्सल का है। इसमें face unlock senor, finger print sensor भी दिया गया है 

XIAOMI MI CC9 PRO PRICE IN INDIA

India में इसके price की बात करें तो ये Rs 31000 से Rs 35000 की रेंज में है  


Buy Now


Related Post:


अंत में एक निवेदन: 

आप को मेरी ये post " Xiaomi Mi CC9 Pro -Mobile Gadgets in Hindi" कैसी लगी प्लीज़ कमेंट्स के दवारा जरूर बताएं ,और अच्छी और उपयोगी लगी हो तो इसे like , शेयर और फॉलो जरूर करें , आप का मार्गदर्शन मेरे लिए बहुमूल्य है  






Note: Other information will be provided along with the class notes for B.Tech, M.C.A and M.B.A degree courses in my blog- Digital Hacks; Such as certificate course, seminar, conference, job vacancy etc.

अंत में -

मेरे post पे आने के लिए आप का सहृदय धन्यवाद

Monday, November 25, 2019

Virus in Hindi in cyber security


वायरस ये नाम सुनते ही सब की heart beat ऊपर नीचे होने लगती हैं क्यों की हम सब इस नाम से अच्छे से परिचित हैं पर शायद कुछ लोग परिचित नही होने specially वो लोग जो technology से दूरी बना के रखते हैं ।
पर जो लोग technology - lover हैं , उनके लिए ये word नया नहीं है बल्कि headache देने वाला है ।

आज की मेरी ये post उनके लिए है जो virus से परिचित नहीं है और अपनी daily life में regular technology का उपयोग करते हैं जैसे- smart mobiles, laptop, computer आदि .. क्योंकि गर आप laptop, smart mobile का प्रयोग करतें हैं तो आप को virus term से परिचित होना जरूरी है । क्योंकि आप की जरा सी चूक आप के computer और smart mobile को ख़राब कर सकती है ।

what is virus ?-( in Hindi) 

virus एक software program है जो अपनी duplicate copy ( replica) खुद ही बना सकता है, और ये आप की permission के बिना आप के computer system को संक्रमित कर सकता है ।
virus का निर्माण ही computer system को ख़राब करने के लिए लिए किया जाता है ।

ये virus computer system , smart-mobiles phone व internet की service में बाधा पहुँचाने के लिए बनाये जाते हैं । साथ ही में ये data को corrupt करने व उसको चुराने के लिए भी बनाये जाते । 

हम सब जानते हैं कि computer system को अच्छे से चलाने के लिए software program बनाये जाते हैं वहीं पे virus जो कि खुद एक software program है, इसका creation computer system की कार्य प्रणाली में बाधा पहुचाने के लिए किया जाता है ।
 Hackers और threats , virus को पूरे कंप्यूटर network में spread करने के लिए e-mails का विशेष प्रयोग करते हैं ।
एक virus एक कंप्यूटर सिस्टम से दूरसे कंप्यूटर सिस्टम में तभी spread हो सकता है जब इसका host एक infected कंप्यूटर से लाया जाता हो ।
उदाहरण के लिए यदि एक pen drive , USB drive या CD किसी virus से  infected कंप्यूटर में उपयोग की गई है तो इस कंप्यूटर से virus इस CD , Pen Drive , USB Drive के माध्यम से दूसरे computer system और network में फैल जाता है ।

virus की विशेषता:

Replicative Nature: 

original virus अपनी अनुलिपियों (replica) में परिवर्तन कर सकता है , और ये अनुलिपियाँ (replica- copy) खुद अपने आप में परिवर्तन कर सकती हैं।   

Self attach: 

Virus स्वयं को एक healthy program के साथ जोड़ सकता है । और एक के बाद एक healthy program में स्वयं को  जोड़ के virus की एक chain create देता है और इससे ये आसानी से files से दूसरी files में पहुँच जाता है । और धीरे धीरे पूरे कंप्यूटर system को अपने कब्जे में ले लेता है ।

Difficult to Trace: 

इसको trace करना अति कठिन है । एक बार आप के सिस्टम पे पहुचते ही ये खुद को पूरे सिस्टम में spread कर लेता है ।

virus के कार्य:

  • कंप्यूटर की कार्य प्रणाली को destroy करना।
  • Data को interrupt करना।
  • network में बाधा पहुचना।
  • window की कार्य प्रणाली को dead करना।
  • कंप्यूटर की speed को कम करना ।
  • Data को delete करना या उसमे alter करना ।
  • कंप्यूटर की hard disk में save डाटा और files को destroy करना ।

History of virus:

Virus का जन्म 1970 के दशक में हुंवा था । सबसे पहले virus का नाम क्रीपर ( creeper) था ।जिसे इंटेरनेट पे 1970 में पाया गया था । यह TENEX - oprating system के दवारा फेला था, साथ ही यह किसी भी computer सिस्टम को नियंत्रित और उसको infect करने के लिए modem का प्रयोग करता था । creeper कंप्यूटर सिस्टम को infected करने के बाद एक message लिखता था - "I am creeper, catch me if you can" 

एक  virus  जिसे  Rother- J ( रोथर- J) नाम दिया गया । यह "IN THE WILD" प्रकट होने वाला पहला virus बना । ऐसा माना जाता है कि इस virus को कंप्यूटर Lab के बाहर create किया गया था पर इसका प्रमाण कुछ खास नही मिला है ।

1982 में घरों में उपयोग लाये जाने वाले कंप्यूटर को संक्रमित करने वाला virus सामने आया ,जिसे  Richard Skrenta ने बनाया था। इसका नाम ELK CLONER था ।  इसने APPLE DOS-3.3 operating system को floppy disk के माध्यम से infected किया था । यह कंप्यूटर को infected करने के बाद  कंप्एयूटर की screen पर एक massage show करता  था - " Elk Cloner:The program with a personality"

Type of virus: 

  • Over- write Virus
  • Boot Sector Virus
  • Script Virus
  • Macro- Virus

File Virus: 

ये virus  files के साथ attach होते हैं । ये mostly internet के माध्यम से फैलते हैं । ये  e-mails के दवारा एक कंप्यूटर से दुसरे कंप्यूटर  या network में पहुचते हैं । जब files को download किया जाता है तब ये भी कंप्यूटर में आ जाते हैं ।

Boot sector virus: 

वो वायरस जो boot sector की files को destroy करते हैं boot sector virus कहे जाते हैं । ये removable media जैसे - CD, Pan drive आदि के माध्यम से फैलते हैं ।

Overwrite virus: 

ये virus इस प्रकार design किया जाता है कि जैसे ही ये system में प्रवेश करता है , तुरंत ही ये अपने code को  healthy codes पर overwrite करना start कर देता है ,और files and application को destroy कर देता है ।

Macro-virus:

 ये virus मुख्यतः macro language programs को target करते हैं । इन virus को इस प्रकार से बनाया जाता है जिससे कि ये खुद के malicious  macro codes को आसानी से application के genuine macro codes के साथ जोड़ सकें 


Related Post:

What is cyber security and its importance?

Top 5 search engine in 2019 in India

Information System Threats 

Threats

Search Engine- कैसे कार्य करता है ?


अंत में एक निवेदन: 


गर आप को ये मेरी पोस्ट उपयोगी लगी हो तो इसे लाइक और शेयर जरूर करें। यदि पसंद ना आया हो तो प्लीज़ कमेंट्स के दवारा बताएं किमैं इसमें और क्या सुधार कर सकती हूँ । आप का मार्गदर्शन मेरे लिए बहुमूल्य है। 


Note: Other information will be provided along with the class notes for B.Tech, M.C.A and M.B.A degree courses in my blog- Digital Hacks; Such as certificate course, seminar, conference, job vacancy etc.



Denial of service (DOS) attack in cyber security for digital business

Welcome to Digital Hacks
Digital hacks के सभी पाठकों को मेरा सादर अभिनंदन..


 Digital business या e- commerce के एरिया में हमेशा hacking का डर सताता रहता है। कब कहाँ और कैसे आप का दुश्मन या आप का business competitor या फिर unknown threats आप पर attack कर के आप का important data और इनफार्मेशन को hack कर के आप को नुकसान पंहुचा देगा । इसलिए आप को cyber security और ethical hacking के बारे में जानकारी रखना बहुत जरूरी है । कि कैसे कोई आप के  online और offline business इनफार्आमेशन को नुकसान पहुंचा सकता है । इस website पे आप को cyber security और ethical hacking से जुडी सारी जानकारियां प्राप्त होंगी । 

Cyber security में आज का टॉपिक है - Denial of Service (DoS),
Denial of service , साइबर सिक्योरिटी में ethical hacking का बहुत ही महत्वपूर्ण topic है ।

Denial of Service:  

यह एक threats है जिसका  hacking के लिए सबसे ज्यादा उपयोग होता है ।इसको hacking के लिए 1998 में खोजा गया था ।  denial of service को DoS (डोस)भी कहते हैं । इसका मतलब होता है कि दी जा रही service को देने से मना कर देना । ये किसी भी organization के network पर attack करता है और चल रही क्रिया को रोक देता है ।

Denial of service की क्रिया विधि ( ये कैसे कार्य करता है ):


Attackers को जब किसी  organization से दूर रह कर उसके data और उसकी important कार्य प्रणाली को नुकसान पहुचना  होता है, तब वो DoS का प्रयोग करते हैं ।

इसमें denial of service, organization के नेटवर्क और उसकी website पे सीधा attack करता हैं । और इस attack से थोड़ी देर के लिए network कार्य करना बंद कर देता है । इस नेटवर्क के बंद होने का यूजर को जल्दी एहसास भी नही होता है क्योंकि उसको लगता है ही शायद server डाउन है, और यूजर server का फिर से चलने का इंतजार करता है । इतनी देर में hackers अपना काम पूरा कर लेते हैं ।

इसमें website/ networks पर इतना ज्यादा traffic जनरेटे कर दिया जाता है कि उस traffic को वो website /network handle नहीं कर पाते हैं जिससे network की speed धीरे धीरे कम हो जाती है और अंत में network का कार्य करना बंद हो जाता है 

 Digital business या e- commerce के एरिया में हमेशा hacking का दर सताता रहता है। कब कहाँ और कैसे आप का दुश्मन या आप का business competitor या फिर unknown threats आप पर attack कर के आप का important data और इनफार्मेशन को hack कर के आप को नुकसान पंहुचा देगा । इसलिए आप को cyber security और ethical hacking के बारे में जानकारी रखना बहुत जरूरी है । कि कैसे कोई आप के  online और offline business इनफार्आमेशन को नुकसान पहुंचा सकता है । इस website पे आप को cyber security और ethical hacking से जुडी सारी जानकारियां प्राप्त होंगी । 


एक website पर यूजर( traffic) को handle करने की एक निश्चित सीमा होती है गर इस सीमा से ज्यादा का traffic web- server पे आता है तो उसको server handle नही कर पाता और फिर server धीरे- धीरे slow हो जाता है । जिसे हम server डाउन होना कहते हैं ।और फिर एक सीमा के बाद जब और traffic बढ़ता जाता है तब कुछ समय के लिए server बिलकुल कार्य करना बंद कर देता है जिसे server का क्रेश होना भी कहते हैं।

denial of service attack में attacker ,website /network पर इतना fake traffic भेज देते हैं की server डाउन हो जाता है और जो उस website /network के real यूजर हैं वो उस website के data/ information का use नही कर पाते हैं। 

Type of denial of service :

ये दो प्रकार के होतें हैं । 

  • DoS
  • DDoS

DoS( denial of service): 

इसमें सिर्फ एक Host किसी website को target बनता है और उसके server पर  attack करता है । इसका उपयोग यूजर को website से दूर रखने के लिए किया जाता है ।

DDoS ( Distributed denial of service): 

इसमें एक साथ कई host एक ही website /network को target कर उसपे attack करते हैं । DDoS का प्रयोग server की bandwidth, उसके disk space और processor time को खत्म करने के लिए करते हैं । ये network और website के configuration की information को ख़राब कर देता है ।

Method of DoS attacks:

  • Ping of death
  • Buffer overflow
  • Teardrop
  • Syn attack 
 My upcoming post: Method of DoS 
( method of DoS को डिटेल्स में हम अपनी अगली post में बात करेंगें)

Related Post:




अंत में एक निवेदन: 

गर आप को ये स्टडी मटेरियल उपयोगी लगा हो तो इसे लाइक और शेयर जरूर करें। यदि पसंद ना आया हो तो प्लीज़ कमेंट्स के दवारा बताएं किमैं इसमें और क्या सुधार कर सकती हूँ आप का मार्गदर्शन मेरे लिए बहुमूल्य है। 

Note: 
Other information will be provided along with the class notes for B.Tech, M.C.A and M.B.A degree courses in my blog- Digital Hacks; Such as certificate course, seminar, conference, job vacancy etc.


Good news for SBI bank account holders in Happy new year-2020 digital hacks in Hindi

Hello friends, Happy New Year-2020 मेरे ब्लॉग के प्रिय पाठकों आप के लिए में आज एक अच्छी जानकारी ले के आयी हूँ specially SBI bank ...