Monday, November 25, 2019

Virus in Hindi in cyber security


वायरस ये नाम सुनते ही सब की heart beat ऊपर नीचे होने लगती हैं क्यों की हम सब इस नाम से अच्छे से परिचित हैं पर शायद कुछ लोग परिचित नही होने specially वो लोग जो technology से दूरी बना के रखते हैं ।
पर जो लोग technology - lover हैं , उनके लिए ये word नया नहीं है बल्कि headache देने वाला है ।

आज की मेरी ये post उनके लिए है जो virus से परिचित नहीं है और अपनी daily life में regular technology का उपयोग करते हैं जैसे- smart mobiles, laptop, computer आदि .. क्योंकि गर आप laptop, smart mobile का प्रयोग करतें हैं तो आप को virus term से परिचित होना जरूरी है । क्योंकि आप की जरा सी चूक आप के computer और smart mobile को ख़राब कर सकती है ।

what is virus ?-( in Hindi) 

virus एक software program है जो अपनी duplicate copy ( replica) खुद ही बना सकता है, और ये आप की permission के बिना आप के computer system को संक्रमित कर सकता है ।
virus का निर्माण ही computer system को ख़राब करने के लिए लिए किया जाता है ।

ये virus computer system , smart-mobiles phone व internet की service में बाधा पहुँचाने के लिए बनाये जाते हैं । साथ ही में ये data को corrupt करने व उसको चुराने के लिए भी बनाये जाते । 

हम सब जानते हैं कि computer system को अच्छे से चलाने के लिए software program बनाये जाते हैं वहीं पे virus जो कि खुद एक software program है, इसका creation computer system की कार्य प्रणाली में बाधा पहुचाने के लिए किया जाता है ।
 Hackers और threats , virus को पूरे कंप्यूटर network में spread करने के लिए e-mails का विशेष प्रयोग करते हैं ।
एक virus एक कंप्यूटर सिस्टम से दूरसे कंप्यूटर सिस्टम में तभी spread हो सकता है जब इसका host एक infected कंप्यूटर से लाया जाता हो ।
उदाहरण के लिए यदि एक pen drive , USB drive या CD किसी virus से  infected कंप्यूटर में उपयोग की गई है तो इस कंप्यूटर से virus इस CD , Pen Drive , USB Drive के माध्यम से दूसरे computer system और network में फैल जाता है ।

virus की विशेषता:

Replicative Nature: 

original virus अपनी अनुलिपियों (replica) में परिवर्तन कर सकता है , और ये अनुलिपियाँ (replica- copy) खुद अपने आप में परिवर्तन कर सकती हैं।   

Self attach: 

Virus स्वयं को एक healthy program के साथ जोड़ सकता है । और एक के बाद एक healthy program में स्वयं को  जोड़ के virus की एक chain create देता है और इससे ये आसानी से files से दूसरी files में पहुँच जाता है । और धीरे धीरे पूरे कंप्यूटर system को अपने कब्जे में ले लेता है ।

Difficult to Trace: 

इसको trace करना अति कठिन है । एक बार आप के सिस्टम पे पहुचते ही ये खुद को पूरे सिस्टम में spread कर लेता है ।

virus के कार्य:

  • कंप्यूटर की कार्य प्रणाली को destroy करना।
  • Data को interrupt करना।
  • network में बाधा पहुचना।
  • window की कार्य प्रणाली को dead करना।
  • कंप्यूटर की speed को कम करना ।
  • Data को delete करना या उसमे alter करना ।
  • कंप्यूटर की hard disk में save डाटा और files को destroy करना ।

History of virus:

Virus का जन्म 1970 के दशक में हुंवा था । सबसे पहले virus का नाम क्रीपर ( creeper) था ।जिसे इंटेरनेट पे 1970 में पाया गया था । यह TENEX - oprating system के दवारा फेला था, साथ ही यह किसी भी computer सिस्टम को नियंत्रित और उसको infect करने के लिए modem का प्रयोग करता था । creeper कंप्यूटर सिस्टम को infected करने के बाद एक message लिखता था - "I am creeper, catch me if you can" 

एक  virus  जिसे  Rother- J ( रोथर- J) नाम दिया गया । यह "IN THE WILD" प्रकट होने वाला पहला virus बना । ऐसा माना जाता है कि इस virus को कंप्यूटर Lab के बाहर create किया गया था पर इसका प्रमाण कुछ खास नही मिला है ।

1982 में घरों में उपयोग लाये जाने वाले कंप्यूटर को संक्रमित करने वाला virus सामने आया ,जिसे  Richard Skrenta ने बनाया था। इसका नाम ELK CLONER था ।  इसने APPLE DOS-3.3 operating system को floppy disk के माध्यम से infected किया था । यह कंप्यूटर को infected करने के बाद  कंप्एयूटर की screen पर एक massage show करता  था - " Elk Cloner:The program with a personality"

Type of virus: 

  • Over- write Virus
  • Boot Sector Virus
  • Script Virus
  • Macro- Virus

File Virus: 

ये virus  files के साथ attach होते हैं । ये mostly internet के माध्यम से फैलते हैं । ये  e-mails के दवारा एक कंप्यूटर से दुसरे कंप्यूटर  या network में पहुचते हैं । जब files को download किया जाता है तब ये भी कंप्यूटर में आ जाते हैं ।

Boot sector virus: 

वो वायरस जो boot sector की files को destroy करते हैं boot sector virus कहे जाते हैं । ये removable media जैसे - CD, Pan drive आदि के माध्यम से फैलते हैं ।

Overwrite virus: 

ये virus इस प्रकार design किया जाता है कि जैसे ही ये system में प्रवेश करता है , तुरंत ही ये अपने code को  healthy codes पर overwrite करना start कर देता है ,और files and application को destroy कर देता है ।

Macro-virus:

 ये virus मुख्यतः macro language programs को target करते हैं । इन virus को इस प्रकार से बनाया जाता है जिससे कि ये खुद के malicious  macro codes को आसानी से application के genuine macro codes के साथ जोड़ सकें 


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अंत में एक निवेदन: 


गर आप को ये मेरी पोस्ट उपयोगी लगी हो तो इसे लाइक और शेयर जरूर करें। यदि पसंद ना आया हो तो प्लीज़ कमेंट्स के दवारा बताएं किमैं इसमें और क्या सुधार कर सकती हूँ । आप का मार्गदर्शन मेरे लिए बहुमूल्य है। 

Note: Other information will be provided along with the class notes for B.Tech, M.C.A and M.B.A degree courses in my blog- Digital Hacks; Such as certificate course, seminar, conference, job vacancy etc.




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